आम लोगों के लिए खुली हजरत निजामुद्दीन दरगाह, ये होंगे नियम-

नई दिल्ली । कोरोना महामारी के कारण बंद की गई दिल्ली की हजरत निजामुद्दीन दरगाह करीब छह महीने बाद आज से आम जनता के लिए खुल गई। दरगाह आने वालों को सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। दरगाह में नियमों का पालन हो सके, इसलिए जगह-जगह सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर निशान बनाए गए हैं। लोगों के लिए सेनिटाइजेशन मशीन की व्यवस्था की गई है। निजामुद्दीन दरगाह सुबह 5 से 10 बजे के बीच जनता के लिए खुली रहेगी।

आपको बता दें कि मार्च में तबलीगी जमात मुख्यालय के कोविड-19 हॉटस्पॉट के रूप में सामने आने के बाद दरगाह के आसपास का क्षेत्र पहले कंटेनमेंट जोन में से एक था। दरगाह की देखभाल करने वालों ने कहा कि जनता को दरगाह में कम से कम छह फीट की दूरी बनाकर रखना आवश्यक होगा और उन्हें वहां 15 मिनट से अधिक समय तक रुकने नहीं दिया जाएगा। दरगाह में आने वाले श्रद्धालुओं के हाथ सैनिटाइज करने के लिए कई जगह तय की गई हैं। इसके साथ ही दरगाह के अंदर मास्क पहनना अनिवार्य है। किसी भी बैग या सामान को अंदर लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दरगाह प्रबंधन ने एक बयान में कहा है कि अंदर बैठने या प्रतीक्षा की अनुमति नहीं है।

दरगाह के इंचार्ज सईद अदीब निजामी ने बताया, सरकार की गाइडलान्स के मुताबिक ही दरगाह के अंदर इंतजाम किए गए हैं। दरगाह में आने वाले हर शख्श को नियमों का पालन करना होगा। हमने इस वजह से लोगों के लिए जगह-जगह पर निशान भी बनाए हैं। उन्होंने कहा कि दरगाह में आने वाले हर व्यक्ति को मास्क लगाना जरूरी होगा। ऐसे में दरगाह जाने वाले लोगों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा, वरना उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। दरगाह में जगह-जगह सेनिटाइज करने के लिए मशीन लगाई गई है, उनका इस्तेमाल करना आवश्यक होगा।

इनको दरगाह में जाने इजाजत नहीं-
दरगाह के एक कर्मचारी ने कहा कि बुखार, खांसी या सर्दी-जुकाम या कोविड-19 के किसी भी लक्षण से पीड़ित व्यक्ति को दरगाह के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। 10 साल से कम उम्र के बच्चों और 65 से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को भी दरगाह स्थल पर जाने इजाजत नहीं होगी।