हरियाणा में जिम ट्रेनर ने की डॉक्टर सहित चार लोगों की हत्या, शिरडी से गिरफ्तार

डॉक्टर परिवार के चार सदस्यों की हत्या करने के सिलसिले में क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता हाथ लगी है। क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 की टीम ने इस हत्याकांड के फरार आरोपी जिम ट्रेनर मुकेश को शिरडी से गिरफ्तार किया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से हत्याकांड से जुड़े राज उगलवाएगी। इस दौरान पुलिस यह भी पता लगाएगी कि आखिर इस हत्याकांड में और कौन लोग शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि 9 नवंबर की अज्ञात बदमाशों ने सेक्टर-7 मार्केट के सामने वाली कोठी में 65 वर्षीय बुजुर्ग डॉक्टर प्रवीण मेहंदीरत्ता, उनकी पत्नी, बेटी व दामाद पर ताबड़तोड़ चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने से पहले हत्यारों ने पालतु कुत्ते को भी उनके घर के एक अलग कमरे में बंद कर दिया था।

पुलिस व आला अफसरों ने मौके पर पहुंचकर इस हत्याकांड की जांच शुरू कर दी थी, लेकिन पुलिस को मौके से कोई ऐसा दस्तावेज नहीं मिल सका, जिसके आधार पर पुलिस हत्यारों तक पहुंच सके। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जिम संचालक तक पहुंची। पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए फरार आरोपी जिम संचालक की तलाश में जुट गई। यह जिम संचालक मुकेश कोई और नहीं, अपितु डॉक्टर के इकलौते बेटे दर्पण का करीबी दोस्त है। पुलिस ने अगले दिन डबुआ कॉलोनी स्थित जिम संचालक के निवास पर छापामार कर बैग, स्कूटी व खून से सनी चाबी बरामद की थी। इसके आधार पर पुलिस का यकीन और भी पक्का हो गया। आरोपी ने जाते वक्त घर पर छोड़े गए अपने पत्र में लिखा था कि मैं मुकेश, मैंने बहुत बड़ा गुनाह किया है। जिंदा रहूंगा तो सरेंडर कर दूंगा। सच कहूं तो मैं मरने जा रहा हूं। यह पत्र पुलिस को दे देना। सॉरी माई फैमिली। इस पत्र के मिलने से पुलिस के हाथ-पांव भी फूल गए। पुलिस किसी भी सूरत में उसे जिंदा पकड़ना चाहती थी ताकि हत्या की असल वजह पता चल सके।

डॉक्टर परिवार हत्याकांड को लेकर पुलिस की अलग-अलग 10 टीम आरोपी जिम संचालक मुकेश की तलाश में में जुटी थीं। जहां बुधवार को पुलिस को इसमें कामयाबी मिल गई। दरअसल, प्राथमिक दृष्टया में यह बात भी सामने आई कि डॉक्टर परिवार की हत्या करने के मामले में फरार चल रहे जिम ट्रेनर मुकेश कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। कर्जदार उससे अपना कर्ज मांग रहे थे। कर्ज चुकाने के लिए वह डॉक्टर के घर में चोरी करने के लिए घुसा था। आरोपी ने यह कबूलनामा अपने द्वारा लिखे पत्र में किया था। पुलिस जांच में अब तक यह भी पता चला है कि आरोपी ने अपनी बहन से करीब 70 हजार रुपये का कर्ज लिया हुआ था। वहीं कुछ रुपये उसने जिम में कसरत करने आने वाले लोगों से लिए हुए थे। पुलिस की जांच में अब तक करीब तीन लाख रुपये का कर्ज होने का पता चला है।