सोने के दाम में फिर से आया उछाल, जानें कब तक होगा सस्ता-

सोने के दाम बढ़ते ही सर्राफा बाजार में एक बार फिर खरीदारों के घटने की आशंका बढ़ गई। दूसरी तरफ बेचने वालों की उम्मीद अच्छी बनी है। शुक्रवार को बाजार में न ग्राहक ज्यादा आए और न ही बुलियन से ज्वैलर्स ने कोई खरीदारी की। बताया जा रहा है कि 15 जनवरी को अमेरिका और चीन के बीच में ट्रेड हस्ताक्षर होना तय है। अगर यह हस्ताक्षर और समझौता हो गया तो सोना सस्ता हो सकता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां भी अपना असर दिखाएंगी। फिर भी सोने के दाम में कमी की उम्मीद जताई जा रही है। 15 जनवरी के बाद से सहालगों का भी दौर शुरू हो जाएगा।

इंडिया बुलियन एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन लि. के राष्ट्रीय महासचिव सुरेन्द्र मेहता कहते हैं कि सोना के दाम बढ़ने का कारण वैश्विक गतिविधियां हैं जिसमें अमेरिका द्वारा इराक में किया गया हमला भी है। इसके बाद कच्चे तेल और सोने के दाम में जबरदस्त उछाल आया है। उन्होंने कहा कि इस हमले के बाद अरब खाड़ी में जो हालात पैदा हुए हैं यह आगे भी सोना के दाम पर असर डालेंगे। अगर यह तनाव शांत हो गया तो दाम कम होंगे और नहीं हुए तो सोना के दाम और भी बढ़ सकते हैं। बुलियन और सोना कारोबारी राहुल गुप्ता कहते हैं कि सोने का दाम अचानक दो हजार के ऊपर बढ़ जाने से एक तो खरीदार कम होंगे वहीं बाजार में सोना बेचने वाले आयेंगे। इसका सीधा कारण है कि अगर कोई भी ग्राहक इस समय नगद सोना बिक्री करना चाहेगा तो उसे लगभग 39,900 रुपए का दाम मिल सकता है।

महंगा होने से खरीदारी पर पड़ेगा असर : बुलियन और ज्वैलर्स उमेश पाटिल का कहना है कि पिछली बार दस ग्राम में एक हजार का उछाल आया था तो खरीदारी लगभग 60 से 70 प्रतिशत गिर गई थी। वहीं, बिकवाली 80 प्रतिशत बढ़ गई थी। अब इधर दो दिन की उछाल को देखेंगे। सोना 2100 रुपए प्रति दस ग्राम महंगा हुआ है। ऐसे में बाजार के अंदर बिकवाली अच्छी होने की उम्मीद है। अभी सहालग शुरू होने में दो हफ्ते का समय है। ऐसे में निवेशक भी बिकवाली के सोने पर पैनी नजर रखे हुए हैं। वहीं बाजार में आए एकाध खरीदारों ने कहा कि अगर सोना ऐसे ही बढ़ता रहा तो आगे जेवर खरीदने के बारे में भी सोचना पड़ेगा।