देशभर में सराही जा रहीं डॉ कविता भट्ट की कृतियां, पाठक दे रहे ऐसी प्रतिक्रियाएं-

नई दिल्ली | कोरोना लॉकडाउन में छात्रों ने साहित्य और रचनाओं के क्षेत्र में काफी रूचि दिखाई है | प्रत्येक उम्र के लोगों ने विभिन्न लेखकों, कवयित्रियों और साहित्यकारों को जमकर सराहा है | उत्तराखंड की लेखिका/ कवयित्री डॉ कविता भट्ट की कई कृतियों की सराहना देशभर में हो रही है | योग मंजूषा और योग साधना व योग एक महान भारतीय विरासत विभिन्न उम्र के पाठकों द्वारा काफी सराही जा रही हैं | डॉ कविता को पाठकों की प्रतिक्रियाएं भी मिल रहीं हैं जिनसे वह काफी उत्साहित हैं | कुछ चुनिंदा प्रतिक्रियाएं हम आपके समक्ष रख रहे हैं-

गोरखपुर में तैनात राजस्थान के अलवर निवासी विक्रम मीणा ने डॉ कविता भट्ट पर प्रतिक्रिया लिखते हुए कहा है- ”मैं वाणिज्य सह टिकट लिपिक पद पर कार्यरत होने के साथ-साथ योग क्षेत्र में रुचि होने के कारण वर्तमान समय में राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से योग में परास्नातक में अध्यनरत हूं। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में लेखिका श्रीमती डॉ कविता भट्ट “शैलपुत्री” महोदया जी द्वारा रचित योग साधना व योग एक महान भारतीय विरासत नामक पुस्तक शामिल होने के कारण मैं निरंतर अध्ययन करता हूं।

डिस्टेंस (ओपन) का विद्यार्थी होने के कारण योग क्षेत्र में हर प्रकार की गाइडलाइन की कमी महसूस होती थी फिर मैंने सोशल मीडिया (यूट्यूब चैनल, फेसबुक, व्हाट्सएप) के माध्यम से कुछ अच्छा नया सीखने का प्रयास किया और काफी कुछ जानकारियां भी हासिल की थी लेकिन फिर भी मुझे एक अच्छे गुरु*(अध्यापक) की कमी महसूस हो रही थी एक दिन मैं सोशल मीडिया पर प्रयास करते करते *फेसबुक के माध्यम से देवभूमि (उत्तराखंड) की बेटी, प्रतिभा का महासागर जो अपनी ज्ञान ज्योति से सब को रोशन करने वाली साहित्य शिरोमणि श्रीमती कविता भट्ट “शैलपुत्री” महोदया जी के संपर्क में आया था। जो एक कुशल आदर्श व्यक्तित्व की धनी, अनेकों राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय अवार्डो से पुरस्कृत, अच्छी लेखिका होने के साथ-साथ NET,JRF, PHD, योग विशेषज्ञ, हेनब गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर (गढ़वाल) उत्तराखंड में कार्यरत हैं |

एक बिल्कुल अनजान व्यक्ति होने के बावजूद महोदया जी ने मेरा अच्छा मार्गदर्शन करते हुए योग क्षेत्र में हर समय यथासंभव मदद करने का संकल्प के साथ-साथ इन्हीं के द्वारा रचित चौखंबा योग मंजूषा का राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET),JRF के लिए अध्ययन करने की सलाह दी थी । योग मंजूषा का अध्ययन के बाद मैंने अनुभव किया है इस पुस्तक में यूजीसी नेट, जेआरएफ के पाठ्यक्रम के अनुसार बहुत ही सटीक बहुविकल्पीय योग प्रश्नोत्तर संग्रह है! सभी योग प्रशिक्षणार्थियों को मेरे निजी अनुभव के आधार पर योग मंजूषा पुस्तक को पढ़ने की सलाह देता हूं तथा मेरी योग इच्छाओं का सम्मान करते हुए अच्छा मोटिवेशनल मार्गदर्शन करने के साथ-साथ आत्मीयभाव से जुड़ने के लिए मेरी प्रेरणास्रोत डॉ कविता भट्ट शैलपुत्री महोदया जी का तहेदिल से आभार व्यक्त करता हूं | धन्यवाद”

वहीँ दूसरी प्रतिक्रिया में वाराणसी के पर्यावरणविद टीके सिन्हा ने योग मंजूषा पर भेजी प्रतिक्रिया में लिखा है- Yog Manjushsa. This book is written by Mrs Dr. Kavita Bhatt . It is an amazing book for Yoga students from fresher to graduate & higher programs like QCI, Diploma, Graduation , PG Diploma or MA / MSc & UGC Net, SLATE and up to PhD level exam preparation for welfare of the students . I have read this book and found all relevant topics of the subject’s are covered in a very good manner.She is praiseworthy for putting huge efforts and keen interest to prepare this very nice book . Hence, she is excited to share it for Yoga’s students welfare. Very Worth reading Wishing her luck and great success in life.

इसके अतिरिक्त अन्य रचनाए भी डॉ कविता की काफी सराही जा रही हैं |