IAS बी.चन्द्रकला के घर से CBI को मिले अहम दस्तावेज, खनन घोटाले में अखिलेश यादव व गायत्री प्रजापति पर भी नज़र,

लखनऊ | लोकसभा चुनावों से ठीक पहले चर्चित आईएएस अफसर बी चन्द्रकला के घर छापेमारी और उसके बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर सीबीआई की टेडी हुई नजर से यूपी की सियासत गर्म हो गयी है | सीबीआई ने हमीरपुर में हुए खनन घोटाले में आईएएस बी. चंद्रकला, सपा के एमएलसी रमेश मिश्रा व उनके भाई समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शनिवार को छापेमारी की। नई दिल्ली, लखनऊ, हमीरपुर व जालौन में पड़े छापों में सीबीआई को व्यापक अनियमतता से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। खनन अधिकारियों के घरों से 2.5 करोड़ रुपये और करीब चार किलो सोना बरामद हुआ है।

यह खनन घोटाला समाजवादी पार्टी की सरकार में वर्ष 2012 से 2016 के बीच हुआ था। सीबीआई इस दौरान खनन मंत्री रहे नेताओं के बारे में भी पड़ताल करेगी। माना जा रहा है कि सीबीआई की नज़र तत्कालीन खनन मंत्री रहे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व उनके खास मंत्री रहे गायत्री प्रजापति पर भी है। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई इस घोटाले की जांच कर रही है। हाईकोर्ट ने दो अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर 28 जुलाई 2016 को अवैध खनन की जांच के आदेश दिए थे। जांच में सीबीआई को वर्ष 2012-16 के दौरान हमीरपुर जिले में व्यापक पैमाने पर अवैध खनन किए जाने के साक्ष्य मिले, जिससे बड़े पैमाने पर सरकारी राजस्व को क्षति पहुंची। सीबीआई का दावा है कि बी.चंद्रकला के घर पर तलाशी अभी जारी है। 

बी. चंद्रकला समेत ये बने अभियुक्त-

अपनी जांच के निष्कर्षों के आधार पर सीबीआई ने हमीरपुर की तत्कालीन डीएम एवं वर्ष 2008 बैच की आईएएस बी. चंद्रकला, हमीरपुर के तत्कालीन खनन अधिकारी मोइनुद्दीन, हमीरपुर के तत्कालीन खनन बाबू राम आश्रय प्रजापति, खनन के लीज होल्डर एवं हमीरपुर के मोदहा निवासी सपा के एमएलसी रमेश कुमार मिश्र व उनके भाई दिनेश कुमार मिश्र, खनन के लीज होल्डर एवं हमीरपुर के कमोखर निवासी अंबिका तिवारी, खनन लीज होल्डर एवं हमीरपुर के सफीगंज निवासी संजय दीक्षित व सत्यदेव दीक्षित, खनन लीज होल्डर जालौन जिले के पिडारी निवासी राम अवतार सिंह, खनन लीज होल्डर जालौन जिले के गणेशगंज निवासी करन सिंह तथा लखनऊ व दिल्ली दोनों स्थानों के निवासी अवैध खनन से जुड़े आदिल खान को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात निजी एवं सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सभी को आईपीसी की धारा 120बी, 379, 384, 420 व 511 के अलावा एंटी करप्शन एक्ट की धारा 13 (2) व 13 (1) (डी) के तहत नामजद किया गया है। नामजद अभियुक्तों में शामिल रमेश कुमार मिश्र सपा के एमएलसी हैं, जबकि संजय दीक्षित हमीरपुर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। 

तीन घंटे चली छापेमारी –

मुकदमा दर्ज करने के बाद सीबीआई ने शनिवार को छापेमारी शुरू की। दो वाहनों से पहुंची सीबीआई की 15 सदस्यीय टीम आईएएस चंद्रकला के लखनऊ में हैवलॅक रोड स्थित सफायर कोर्ट अपार्टमेंट के फ़्लैट नंबर 101 में दाखिल हुई। सीबीआई की इस कार्रवाई से सूबे के प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। छापे के दौरान चंद्रकला घर पर नहीं थीं। वह इस समय स्टडी लीव पर हैं। वह मूल रूप से तेलंगाना की रहने वाली हैं। टीम ने लगभग ढाई घंटे तक उनका पूरा घर खंगाला। टीम ने जाते समय मीडिया को कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। टीम अपने साथ ढेर सारे कागजात जब्त कर ले गई।

सीबीआई सूत्रों का कहना है कि चंद्रकला के घर से निवेश और प्रापर्टी से संबंधित अहम कागजात मिले हैं। इनके आधार पर अब उनके गृह नगर तक की जांच होगी। सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने हमीरपुर में संजय दीक्षित व रमेश मिश्र के आवासों पर छापे मारे। इसी तरह अन्य अभियुक्तों राम आसरे प्रजापति, दिनेश मिश्रा, अंबिका तिवारी, राम अवतार सिंह, करन सिंह व आदिल खान के हमीपुर, जालौन व नई दिल्ली समेत अन्य ठिकानों पर छापे मारे गए।