पढ़िए ध्रुव गुप्त का यह आर्टिकल- राफेल की गर्जना सुनकर पाकिस्तान थर-थर कांपने लगा है..

मीडिया वाला राफेल ! ध्रुव गुप्त- फ्रांस से पांच राफेल आ गए। उनकी गड़गड़ाहट पर भारत के ज्यादातर न्यूज चैनल लहालोट हैं। उन्हें पता है कि राफेल की गर्जना सुनकर पाकिस्तान थर-थर कांपने लगा है। इमरान और बाजवा छिपने के सुरक्षित ठिकाने की खोज में हैं। जिनपिंग अपना देश छोड़कर कहीं और भाग जाएगा। राफेल के बारे में जितना भारतीय न्यूज एंकरों को पता है उतना शायद राफेल के निर्माताओं को भी नहीं है। वे एंकर जल्दी ही दुनिया…

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अमजद खान की पुण्यतिथि पर पढ़िए ध्रुव गुप्त का आर्टिकल- एक था गब्बर !

ध्रुव गुप्त- कोई अभिनेता किसी एक फिल्म से भी अमरत्व हासिल कर सकता है, हिंदी सिनेमा में इसका सबसे बड़ा उदाहरण मरहूम अभिनेता अमजद खान हैं। वैसे तो अमजद ने दर्जनों फिल्मों में खलनायक, सहनायक, चरित्र अभिनेता की विविध भूमिकाएं की, लेकिन याद उन्हें उनकी पहली फिल्म ‘शोले’ में गब्बर सिंह की भूमिका के लिए ही किया जाता है। हिंदी सिनेमा के दर्शकों ने किसी डाकू का इतना खूंखार, भयावह और नृशंस चरित्र न पहले देखा था और न…

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पढ़िए गोपालदास नीरज की पुण्यतिथि पर ध्रुव गुप्त का आर्टिकल- ऐ भाई, ज़रा देख के चलो !

स्व. गोपाल दास नीरज जी को उनके छंदबद्ध गीतों के लिए ही जाना जाता है, लेकिन विचित्र तथ्य यह भी है कि हिंदी सिनेमा में छंदमुक्त गीतों के प्रवर्तक भी वही थे। वह पहला छंदमुक्त गीत था राज कपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ का। राज जी को सर्कस के विदूषक की अपनी भूमिका में गाने के लिए कोई एक गीत चाहिए था जिसमें रफ़्तार भी हो, उदासी भी और जीवन-दर्शन भी। गीत की रचना के लिए बैठक जमी…

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पढ़िए विकास दुबे एनकाउंटर पर ध्रुव गुप्त का आर्टिकल- ख़ुश SP-BSP और BJP के असंख्य छोटे-बड़े नेता और जयचंद पुलिसकर्मी भी होंगे जिन्हें…

अंततः विकास दुबे कानपुर वाला कानपुर में पुलिस के हाथों मारा गया। अब इस विवादास्पद एनकाउंटर पर जमकर राजनीति भी होगी और चौतरफ़ा मुकदमेबाजी भी। हां, इतना ज़रूर है कि इस मुठभेड़ से दुबे के हाथों मारे गए सभी आठ पुलिसकर्मियों के स्वजनों-परिजनों को थोड़ी-बहुत शांति मिली होगी। खुशी उन लोगों को भी होगी जिन्होंने दुबे के तीन दशकों के आपराधिक जीवन में किसी न किसी रूप में यातनाएं झेली हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रसन्न होगी कि इस मुठभेड़…

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पढ़िए डॉ संजय अवस्थी का यह आर्टिकल- ‘कोविड-2019 और विज्ञान आज तक’

दिसम्बर 2019 का अंत हो रहा था, विश्व क्रिसमस का पर्व मना रहा था, तब दबे पांव खबरें चीन के वुहान से आने लगीं कि सार्स कोरोना वायरस के नए रूप ने मानव जाति पर हमला किया है। तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह अत्यंत सूक्ष्म दैत्य, सम्पूर्ण विश्व को इतने शीघ्र, अपने जबड़ों में जकड़ लेगा। इस आलेख में हम आजतक, विज्ञान के इस महामारी के ज्ञान एवं इसके बचाव एवं इलाज हेतु सक्षमता पर चर्चा…

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भलो भयो विधि ना दिए शेषनाग के कान, धरा मेरू सब डोलते तानसेन की तान ! पढ़िए ध्रुव गुप्त का यह आर्टिकल-

संगीत सम्राट तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुषों में एक रहे हैं। ग्वालियर के हजरत मुहम्मद गौस और वृंदावन के स्वामी हरिदास के शिष्य तानसेन सम्राट अकबर के दरबारी गायक और उनके नवरत्नों में से एक थे उनकी गायन प्रतिभा के बारे में ‘आईने अकबरी’ में इतिहासकार अबुल फज़ल ने कहा है – ‘पिछले एक हज़ार सालों में उनके जैसा गायक नहीं हुआ।’ उनके गहरे मित्र और भक्त कवि सूरदास ने उनके बारे में लिखा है – भलो…

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राहुल गांधी पर देश के प्रत्येक नागरिक की आंखें खोल देगा पूर्व IPS ध्रुव गुप्त का यह आर्टिकल- आप राजनीति के लिए नहीं बने हैं !

झूठ नहीं बोलूंगा राहुल जी, आपमें इस देश का प्रधानमंत्री या किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री तो क्या, किसी पंचायत का मुखिया बनने की भी योग्यता फिलहाल नहीं है। इन कुर्सियों तक पहुंचने के लिए जैसी लफ्फाजी, धूर्तता और झूठ-फरेब की दरकार होती है, वह आपमें सिरे से गायब है। आज की विद्रूप राजनीति में आप जैसे भावुक, संवेदनशील लोगों की जगह बिल्कुल नहीं बनती। विपक्षियों की तो छोड़िए, भ्रष्ट और अवसरवादी लोगों से भरी आपकी अपनी कांग्रेस भी आपके…

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..वह गर्भवती हथिनी हम मनुष्यों के बारे में क्या सोच रही होगी ?

केरल के मल्लपुरम जिले की एक अमानुषिक घटना ने देश के संवेदनशील लोगों को गुस्से से भर दिया है। वहां भोजन की तलाश में एक हथिनी जंगल के बाहर निकल आई। गांव के कुछ लोगों ने पहले तो उसके साथ शरारतें की और फिर अनानास के एक फल के अंदर शक्तिशाली पटाखे रखकर उसे खिला दिया। अनानास भीतर जाते ही उसके मुंह में धमाके होने लगे। असह्य दर्द से छटपटाती हुई वह गांव में इधर-उधर दौड़ती रही। शायद किसी…

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पढ़िए डॉ सुनील दत्त का यह आर्टिकल- ‘उत्तराखण्ड देवभूमि से साहित्य की सशक्त हस्ताक्षर डॉ कविता भट्ट’

देहरादून | उत्तराखण्ड की देवभूमि से निकल पूरे देश में साहित्य रचनाओं और कविताओं के माध्यम से पहचान बनाने वाली कवयित्री डॉ कविता भट्ट की चर्चाएं देवभूमि में लोगों की जुबां पर हैं | ऋषिकेश स्थित भरत मंदिर इंटर कालेज के प्रवक्ता डॉ सुनील दत्त थपलियाल ने डॉ कविता भट्ट की शख्सियत को अपने शब्दों में बया किया है | पढ़िए डॉ सुनील का यह आर्टिकल- कुलं पवित्रं जननी कृतार्थावसुन्धरा पुण्यवती च येन।जिस कुल में वे महापुरुष अवतरित होते…

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बहुत मुश्किल है इस दौर में अलका लांबा होना..

राजनैतिक दलों ने सियासी रूप से लड़ाई का नया रणक्षेत्र सोशल मीडिया को बनाया हुआ है | दलों के आईटी सेल उनके खिलाफ उठने वाली हर आवाज का चीरहरण करने को बेताब हैं | मुद्दे की बात करने वालों को भद्दी-भद्दी गालियां देने से लेकर उसके विषय में फेक न्यूज़ चलाना आम बात है | लॉक डाउन में भी मुद्दों की बात रखने वालों को इस आईटीसेल का सामना करना पढ़ रहा है | आजकल दिल्ली की चर्चित कांग्रेस…

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