बरेली के कान्हा उपवन में निरीक्षण के दौरान मिले मृत गौवंश के शव, पीएम मोदी ने मांगी​ रिपोर्ट

बरेली के कान्हा उपवन में मर रही गायों का मामला अब दिल्ली तक जा पहुंचा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कान्हा उपवन में मरी गायों के मामले में रिपोर्ट मांगी है। पीएमओ ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव से कान्हा उपवन के संचालक और अधिकारियों की लापरवाही के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। पीएम कार्यालय तक मामला पहुंचने के बाद बरेली नगर निगम में हड़कंप मच गया है। कान्हा पशु आश्रय गृह में आए दिन होने वाली गौवंश की मौते सुर्खियां में हैं। गौवंशीय पशुओं का संरक्षण सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोेजेक्ट में शामिल है। बरेली में गौवंशीय पशुओं के संरक्षण के लिए 30 नवंबर 2018 को पशु आश्रय गृह का शुभारंभ किया गया था।

आश्रय गृह में आए दिन गौवंशीय पशुओं की मौत होती रही है। पिछले दिनों बरेली के मेयर डा. उमेश गौतम के कान्हा उपवन का औचक निरीक्षण किया था। 15 दिन में 30 गायों मरने की पुष्टि उनकी तरफ से की गई थी। निरीक्षण के दौरान मृत गौवंश के शव मिले थे। चारे में घालमेल के अलावा उपवन में गंदगी मिली थी। गौवंश की इस अनदेखी पर मेयर ने नाराजगी जताई थी। उनका आरोप था कि गौशाला में मरने वाली गायों का पोस्टमार्टम ही नहीं कराया गया जबकि इस बीच 14 गौवंश की मौत ओर हो चुकी हैं। मेयर का कहना था कि अधिकारी जानबूझ कर अपनी नाकामी छिपाने के लिए पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं।

पोस्टमार्टम न होने से न मौत का कारण पता चल सकेगा न ही कोई विवाद होगा। इस प्रकरण के बाद नगरायुक्त सैमुअल पॉल एन ने इस मामले में जांच कमेटी का गठन किया था। जिसमें अपर नगरायुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह, महाप्रबंधक राजेश यादव और मुख्य अभियंता संजय सिंह चौहान को जांच सौपी। संचालक कामधेनु सेवा ट्रस्ट से अनुबंध तोड़ कर मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इस पूरे प्रकरण को प्रधानमंत्री कार्यालय को एक समाजसेवी पंडित विशाल भारद्वाज ने अवगत कराया। शिकायत पत्र भेजकर मामले की जांच करने की मांग की गई। पीएम कार्यालय से सूबे के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी गई है।