UP में साथ आ सकते हैं BJP और BSP, हो सकता है बड़ा बदलाव

लखनऊ | यूपी राजनीति में नए संकेत मिल रहे हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर बसपा की रणनीति भविष्य में भाजपा और बसपा के बीच नजदीकियां बनने की ओर इशारा कर रहा है। राज्य सभा चुनाव में बसपा सुप्रीमो मायावती का विधायकों की संख्या जिताने भर की न होने के बाद भी रामजी गौतम को मैदान में उतारने को इसी का हिस्सा माना जा रहा है। आगे क्या होगा यह तो समय बताएगा, लेकिन भाजपा और बसपा की नजदीकियों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

बसपा ने दिए ये नए संकेत-
राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव में बसपा के पास जिताऊ आंकड़े नहीं हैं। इसीलिए यह माना जा रहा था कि बसपा राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं उतारेगी, लेकिन मायावती ने रामजी गौतम को मैदान में उतारकर सभी को चौंका दिया। रणऩीतिकार यह सोच-विचार ही रहे थे कि बसपा जीत के लिए कहां से सदस्य संख्या लाएगी। इसी बीच भाजपा ने नौ के स्थान पर आठ उम्मीदवारों को उतारकर भविष्य की राजनीति पर नई चर्चा छेड़ दी। बसपा के पांच विधायकों द्वारा बुधवार को बगावत करना और उसके बाद तर्कों के आधार पर रामजी गौतम का पर्चा वैध ठहराया जाना, कुछ न कुछ होने की ओर इशारा जरूर कर रहा है।