योगी के मंत्री ने बोले- ‘बुलंदशहर की घटना भाजपा और बजरंग दल की साजिश’

लखनऊ | उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर भाजपा पर काफी आक्रामक दिखे। उन्होंने बुलंदशहर घटना को भाजपा और बजरंग दल की सोची समझी राजनीति बताया। साथ ही सरकार पर मंदिर-मस्जिद के नाम पर लोगों को लड़ाने का आरोप लगाया। वह बुधवार को आजमगढ़ में सगड़ी तहसील क्षेत्र के चकअजीज गांव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार मंदिर-मस्जिद में बांटकर लोगों को लड़ा रही है। इससे जनता का कोई भला होने वाला नहीं है। इसका जीता जागता उदाहरण बुलंदशहर की घटना है जो बजरंग दल और भाजपा की सोची समझी साजिश थी।

उन्होंने कहा कि घटना में गरीब के बेटे और एक कोतवाल की मौत हो गई जो दुखद है। अब तक किसी नेता की मौत मंदिर बनाने के नाम पर हुए विवाद या बवाल में नहीं हुई। लोग कहते हैं कि ओमप्रकाश राजभर खुद सरकार में रहते हुए भी सरकार का विरोध कर रहा है। इसके बाद भी मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं। मंडल कमीशन को लागू हुए 28 साल हो गए पर अब तक सभी अति पिछड़ी, अति दलित जातियों को समान रूप से नौकरियों में भागीदारी नहीं मिली ।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि राजनाथ सिंह ने पिछड़ी जातियों को तीन कैटेगरी में विभाजित किया था। हम न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और समिति की रिपोर्ट भी आ गई है जिस पर हम दबाव बना रहे हैं कि समिति की रिपोर्ट लागू हो। देश में नौ लाख मंदिर काशी विश्वनाथ जैसे हैं जिनमें पुजारी कुछ विशेष जाति के लोग हैं। पिछड़ी जाति के लोगों को मंदिर में पुजारी के तौर पर रखा जाए जिससे सबको रोजगार भी मिलेगा।

भाजपा देश में विभाजन करवाना चाहती है जिससे वोट की रोटी सेंक सके। साथ ही वोट लेने के लिए हर प्रकार के हथकंडे अपना रही है। अयोध्या मुद्दा कोर्ट में विचाराधीन है तो उस पर राजनीति करने की क्या जरूरत है। राजभर ने कहा कि जब तक शराबबंदी नहीं होगी हम प्रदेश सरकार से लड़ाई लड़ते रहेंगे। 72 वर्षों से एससी/एसटी को इंजीनियर, आईएएस, पीसीएस, डॉक्टर आदि की निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था सरकार कर रही है। उसी तरह से पिछड़ी और सामान्य जातियों को भी अलग से कोचिंग की व्यवस्था की जाए।