Karat Laws Academy : जहां से बिहार की ‘जज बिटिया’ को मिले हौसलों के पंख

नई दिल्ली | बिहार ज्यूडिसियल एग्जाम में सफलता हासिल कर बिहार में जज के पद पर चयनित हुईं अर्चना कुमारी पिछले सप्ताह देशभर की सुर्ख़ियों में रहीं हैं | नई दिल्ली के लक्ष्मी नगर में संचालित कैरेट लॉज़ अकादमी से तैयारी कर और वहीँ छात्रों को पढ़ाकर अर्चना ने साधारण से परिवार से बिहार में जज बनने तक का सफर पूरा किया है | सोशल मीडिया से लेकर अखवारों की हेडलाइन में उनका संघर्ष और जीवन की कहानी छपी है | छात्रों और युवाओं में उनके चयन ने प्रेरणा देने का काम किया है | अर्चना कुमारी बिहार की राजधानी पटना की रहने वाली हैं और पटना से लेकर पुणे और दिल्ली तक से उनका संघर्ष जुड़ा है |

बिहार के छपरा जिले के सोनपुर सिविल कोर्ट में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के घर जन्मी अर्चना ने पिता की मौत के बाद से कठिन संघर्ष का सामना किया | शादी के बाद एलएलबी किया और एलएलएम किया | दिल्ली में छात्रों को ज्यूडिशरी की तयारी कराई और खुद भी की | कैरेट लॉज़ अकादमी से जुड़ीं अर्चना कुमारी के चयन से अकादमी के निदेशकों और छात्रों में उत्साह है | गत शनिवार को अकादमी में अर्चना का अभिनंदन किया गया |

अर्चना कुमारी ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि लक्ष्य तय कर संघर्ष किया जाये तो कोई भी चीज असंभव नहीं हैं | उन्होंने कैरेट लॉज़ अकादमी के निदेशक उदय सिंह राठौर और निखिल कश्यप को अच्छा मार्गदर्शन करने के लिए आभार व्यक्त किया | उन्होंने कहा कि कैरेट लॉज़ अकादमी का मैं हिस्सा रही मुझे गर्व है | अकादमी ने मुझे हौसला दिया और ऊर्जा के पंख दिए | निदेशक उदय सिंह राठौर और निखिल कश्यप ने अर्चना कुमारी का बुके और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया |