#योगीराज में #जेल भी सुरक्षित नहीं, #बागपत में माफिया डॉन #मुन्ना बजरंगी की हत्या

बागपत । पूर्वांचल का कुख्यात डॉन प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या कर दी गई। आज पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में मुन्ना बजरंगी की पेशी होनी थी। रविवार को उसे झांसी जेल से बागपत लाया गया था। जेल में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। आपको बता दें कि मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने 10 दिन पहले ही प्रेस वार्ता कर बजरंगी की हत्या की आशंका जताई थी।
सीमा ने कहा था कि झांसी जेल में बंद माफिया मुन्ना बजरंगी का एनकाउंटर करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। एसटीएफ में तैनात एक अधिकारी के इशारे पर ऐसा हो रहा है। इस अफसर के कहने पर ही जेल में बजरंगी को खाने में जहर देने की कोशिश तक की गई। इसके अलावा उन्होंने ढाई साल पहले विकासनगर में पुष्पजीत सिंह व गोमतीनगर में हुए तारिक हत्याकांड में शामिल शूटरों को सत्ता व पुलिस अधिकारियों का संरक्षण मिलने का आरोप भी मढ़ा था।

इंस्पेक्टर ने कैदी संग रची हत्या की साजिश
सीमा का आरोप था कि पति की हत्या की जेल में साजिश रची गई थी। नौ मार्च को एसटीएफ कानपुर में तैनात इंस्पेक्टर घनश्याम यादव झांसी जेल गए थे। उन्होंने कैदी कमलेश से मुलाकात की थी जिसकी तस्वीरें जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। सीमा का आरोप है कि घनश्याम ने कैदी को बजरंगी के खाने में जहर मिला कर उसकी हत्या करने के लिए कहा था। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है।

जेल से बाहर निकालने का प्रयास-
कोर्ट के आदेश पर एम्स के डॉक्टरों का पैनल बजरंगी के स्वास्थ्य की जांच करता है। बजरंगी के साले व वकील विकास श्रीवास्तव ने बताया कि डिप्टी एसपी अभिषेक झांसी जेल गए थे। उनके साथ डॉक्टर थे जिन्होंने मुन्ना बजरंगी के स्वस्थ्य होने का सर्टिफिकेट जारी किया। विकास के मुताबिक बजरंगी का एनकाउंटर करने के लिए उन्हें जेल से जबरन बाहर निकालने की कोशिश तक की गई।

कौन है मुन्ना बजरंगी?
मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह है। उसका जन्म 1967 में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में हुआ था। उसके पिता पारसनाथ सिंह उसे पढ़ा लिखाकर बड़ा आदमी बनाने का सपना संजोए थे. मगर प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी ने उनके अरमानों को कुचल दिया। उसने पांचवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी। किशोर अवस्था तक आते आते उसे कई ऐसे शौक लग गए जो उसे जुर्म की दुनिया में ले जाने के लिए काफी थे।