#Exam देने की #हैसियत नही थी लेकिन #बदनाम करने के लिए #AMU पर #हिन्दू छात्र ने लगाया यह संगीन आरोप-

अलीगढ । अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेने की एक गैर मुस्लिम छात्र के पास योग्यता नही थी लेकिन उसने धर्म का सहारा लेकर अमुवि पर परीक्षा न दिलाने का आरोप लगा दिया । हिन्दू छात्र के आरोप लगाने से दिल्ली तक हड़कंप मच गया लेकिन कुछ ही देर में आरोप झूठे निकले । मामला चर्चाओं का विषय बन गया है । हिन्दू होने का फायदा उठाकर छात्र ने अमुवि पर गंभीर आरोप लगाकर सनसनी तो फैलाई ही, बदनाम भी करने का प्रयास किया ।

एएमयू के लॉ फैकल्टी में शुक्रवार को एलएलएम में दाखिला के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। 25 सीट के विरुद्ध 367 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। इगलास के गांव तेहरा मुंज निवासी सत्यवीर सिंह पुत्र स्व. वेदराम परीक्षा देने पहुंचा तो उसे परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया। सत्यवीर सिंह ने आरोप लगाया कि हाथ में कलावा एवं हिंदू धर्म का होने के कारण उसे परीक्षा से रोका गया है। उन्होंने विधि विभाग के कर्मचारियों पर अभद्रता एवं अपशब्दों का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया है। डीएम से मुलाकात नहीं होने पर सत्यवीर सिंह ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्री से भी शिकायत की है। लेकिन दोपहर बाद ही उसके आरोप झूठे निकले और वह प्रवेश परीक्षा में बैठने के लायक ही नही निकला । झूठा साबित होते ही यह छात्र बैकफुट पर आ गया है ।

इस मामले पर एएमयू पीआरओ ऑफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने सत्यवीर सिंह के आरोप को सिरे से नकार दिया। उनका कहना है कि गाइड लाइन के अनुसार एलएलएम की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए एलएलबी/बीएएलएलबी में 55 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। इससे कम अंक होने पर कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता। लॉ फैकल्टी की वेबसाइट पर 21 जून को 16 अपात्र अभ्यर्थियों के नामों की सूची डाल दी गई थी, जिसमें 7 वें नंबर पर सत्यवीर सिंह का नाम था। सत्यवीर सिंह गलत आरोप लगाकर एएमयू को बदनाम करना चाहते हैं। विधि विभाग के अध्यक्ष प्रो. जावेद तालिब एवं कंट्रोलर मुजीब उल्लाह जुबैरी ने कहा कि सत्यवीर सिंह का आरोप दूषित मानसिकता से प्रेरित है। एएमयू में छात्रों के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है।

पूरे मामले पर अमुवि छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैज़ुल हसन ने कहा है कि जिसकी शैक्षिक हैसियत ही परीक्षा में बैठने लायक नही है वह आरोप लगा रहा है । उन्होंने कहा कि यह षड्यंत्र है अमुवि को बदनाम करने का , ऐसे लोगों के खिलाफ विवि को कानूनी कार्यवाही भी करानी चाहिए ।