चीन की कम्पनियों को अमेरिका ने कहा ‘नमस्ते’, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना

नई दिल्ली। अमेरिका के संघीय संचार आयोग (एफसीसी) ने अमेरिकी संचार नेटवर्क को सुरक्षित करने के अपने प्रयासों के तहत चीन की हुआवे टेक्नोलॉजीज कंपनी और जेडटीई कॉर्पोरेशन को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना है। ये अमेरिकी बाजार से चीनी निर्माताओं को रोकने की दिशा में उठाया गया एक कदम है जहां छोटे ग्रामीण सस्ते नेटवर्क उपकरणों पर भरोसा करते हैं। एक प्रेस रिलीज में एफसीसी ने कहा कि इस कार्रवाई का अर्थ है कि कई छोटे ग्रामीण वाहक द्वारा उपयोग की जाने वाली संघीय सब्सिडी का पैसा अब इन कंपनियों द्वारा उत्पादित उपकरणों को खरीदने के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है।

बयान में कहा गया कि Huawei और ZTE दोनों का चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और चीन के सैन्य तंत्र से घनिष्ठ संबंध है। मामले में एफसीसी के चेयरमैन अजीत पई ने ट्वीट कर कर कहा कि हम एक स्पष्ट संदेश भेज रहे हैं कि अमेरिकी सरकार और विशेष रूप से एफसीसी अमेरिकी कम्युनिकेशन नेटवर्क में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को फायदा उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दें कि व्यापार, कोरोनो वायरस और सुरक्षा मुद्दों पर बीजिंग और वाशिंगटन के बीच तनाव बढ़ने के बीच एफसीसी ने चीनी कंपनियों की तेजी से छानबीन की है।

संस्था तीन चीनी टेलीफोन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने पर भी विचार कर रही है। पिछले साल भी चाइना मोबाइल लिमिटेड को अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने से रोक दिया था। अमेरिका का कहना है कि हुआवे के उपकरण का इस्तेमाल चीन जासूसी के लिए कर सकता है। हालांकि कंपनी ने बार-बार इससे इनकार किया है कि यह किसी भी तरह का सुरक्षा जोखिम पैदा करता है। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि यह बीजिंग सरकार से स्वतंत्र है। उल्लेखनीय है कि एफसीसी के आदेश को लेकर जेडटीई और हुआवे की तरफ से फिलहाल कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है। मगर नवंबर में उसके विरोध मे हुई वोटिंग को लेकर तब कंपनी ने एफसीसी की कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी। मामले में एफसीसी कमिश्नर ने कहा कि चीन के उपकरणों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस को इसके विकल्प के लिए फंड जारी करना चाहिए।