योगी सरकार : भाजपा नेता और नामी उद्योगपति सिंघल सहित 10 के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज, पोखर कब्जाने पर हुई कार्यवाही

अलीगढ | भाजपा की योगी सरकार ने पोखरों पर वैध कब्ज़ा जमाये बैठे भाजपा नेताओं को भी नहीं बख्शा है | शहर के भाजपा में बड़े नामी उद्योगपतियों के खिलाफ सरकार के निर्देश पर भू-माफिया में मुकद्दमा दर्ज हुआ है | गूलर रोड स्थित नगर निगम के मालिकाना हक वाली पोखरों पर अवैध कब्जे कर बैनामे के जरिये प्लाट बेचने के मामले में अब शहर के नामचीन एक्सपोर्टर प्रशांत ग्रुप के स्वामी रमेश चंद्र सिंघल और उनके दोनों बेटों प्रशांत-निशांत, एक्सपोर्टर सुरेश चंद्र गर्ग सहित दस लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। नगर निगम ने बन्नादेवी थाने में करोड़ों की बेशकीमती पोखरों को अवैध रूप से बेचने के 10 अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए हैं। कई दिनों से चल रही जांच पड़ताल के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि भाजपा नेता प्रशांत ग्रुप ने इस कार्रवाई को साजिश करार दिया है। भाजपा नेता और अन्य के खिलाफ हुए इस मुकद्दमे से हडकंप मचा हुआ है | भाजपा सरकार में ही भाजपा नेताओं पर कार्यवाही की लोग प्रशंसा भी कर रहे हैं |

बताते चलें कि पहले भी इस प्रकरण में पहले बिल्डर राधेलाल सहित तीन लोगों पर मुकदमे दर्ज कराए गए थे। पिछले कुछ समय से शासन तक यह बात गूंज रही थी कि पोखर पर अवैध कब्जे के मामले में कुछ लोगों को बचाया जा रहा है। इसी के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई है। महानगर के गूलर रोड इलाके की पोखरों को कब्जा मुक्त कराने की दिशा में प्रशासन व नगर निगम की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रकरण में जब नगर निगम के संपत्ति अधिकारी, तहसीलदार कोल, भूमि अध्याप्ति अधिकारी की संयुक्त टीम से जांच कराई गई तो पाया गया कि नगर निगम के सीवरेज फार्म के लिए वर्ष 1955 में ग्राम सभा कोल की गूलर रोड स्थित जिन पोखरों को नगर निगम को हस्तांतरित किया गया था। उन पर वर्ष 2003 के आसपास से प्लाट काटे गए हैं। उन पोखरों पर प्लाट खरीदने वालों ने आवासीय व व्यावसायिक भवन बना लिए हैं। अब यह इलाका शक्तिनगर आदि कॉलोनियों के नाम से विख्यात है। पोखरें खत्म होने के चलते इलाके में जलभराव की समस्या पैदा होने लगी है। खास बात है कि नगर निगम ने 2003 में ही समाचार पत्रों में यह गजट प्रकाशित कराया कि कोई भी यहां प्लाट का क्रय-विक्रय न करे।

नगरायुक्त संतोष कुमार शर्मा ने कहा है कि शासन के निर्देश पर अवैध कब्जा करने या कराने वालों पर यह कार्रवाई शुरू की गई है। पूर्व में जो मुकदमे दर्ज हुए थे, उसी दिशा में जांच आगे बढ़ाते हुए यह कार्रवाई भी आज की गई है। इन संपत्तियों पर दोबारा नगर निगम का कब्जा कराया जाएगा। गूलर रोड पोखर पर कब्जे से लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ा हो रहा है, जिसे कतई सहन नहीं किया जाएगा।

इनके खिलाफ हुई रिपोर्ट-
इन मुकदमों में धारा 420, 467, 468, 471 के तहत एक्सपोर्टर रमेश चंद्र सिंघल निवासी सराय लवरिया बन्नादेवी, उनके दोनों पुत्रों निशांत सिंघल, प्रशांत सिंघल निवासीगण सराय लवरिया , एक्सपोर्टर सुरेश चंद्र गर्ग निवासी मित्र नगर बन्नादेवी, शिवदयाल निवासी नगला मसानी देहली गेट, दीपेंद्रपाल सिंह निवासी इनायतपुर बझेड़ा लोधा, निरंजन सिंह निवासी नगला मसानी देहली गेट, विजय सिंह, ओमप्रकाश निवासीगण घुड़ियाबाग देहली गेट, अशोक कुमार निवासी सराय काबा को नामजद किया है।