#2019 में #मोदी सरकार के खिलाफ होगी लहर, #BJP में खलबली, देखें-

जियाउर्रहमान-
यूपी के कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा के उपचुनाव सहित देशभर से उपचुनावों में अभी तक जो नतीजे आये हैं उनसे भाजपा में खलबली मचना स्वाभाविक है | मोदी लहर के जरिये 2014 में देश की सत्ता में काबिज हुई भाजपा के खिलाफ अब ग्रामीण भारत से लेकर शहरों तक में लोग खुलकर बोल रहे हैं, भाजपा के वायदों को लेकर साल कर रहे हैं, जबकि दो साल पहले तक लोग खुलकर नहीं बोलते है, यह एक बड़ा संकेत है | कैराना में जिन्ना और दंगा के जरिये भाजपा के ध्रुवीकरण को जनता ने नकार दिया है | किसानो और नौजवानों ने सद्भाव को तरजीह दी है, गन्ना को तरजीह दी है जो अब ध्रुवीकरण के मुकाबले मुद्दों की राजनीति हावी होने के संकेत दे रहा है |

वहीँ विपक्षी दल भी मोदी सरकार के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं, कर्नाटक में विपक्षियों का जमावड़ा और एकजुट जुगलबंदी इसका उदाहरण है | देश में जाति और वोट बैंक की राजनीति हावी है, ऐसे में विपक्षी एकजुट होते हैं तो यह मोदी सरकार के लिए कठिन चुनौती से कम नहीं होगा | छात्रों और युवाओं में बेरोजगारी से हताशा है, निराशा है, किसानो में आक्रोश है, मजदूर परेशान है, महंगाई कमर तोड़ रही है लेकिन भाजपा ध्रुवीकरण के जरिये देश को बरगलाये रखना चाहती है जो अब संभव नहीं है | उपचुनाव के नतीजों से यह स्पष्ट हो गया है कि जनता मोदी सरकार के खिलाफ आक्रोश में है और 2019 में भाजपा के खिलाफ लहर चलाने वाली है | हालांकि राजनीति में कब क्या हो जाये कहा नहीं जा सकता लेकिन फिलहाल भाजपा और मोदी सरकार के लिए फिर से सरकार में वापसी करना असंभव लग रहा है |

– लेखक व्यवस्था दर्पण के सम्पादक हैं |